पीजी के लैंडलॉर्ड और उसके बेटे से चुदी




फ्रेंड्स, मैं सारिका, 20 साल की हूँ, कॉलेज में पढ़ती हूँ, पीजी पर रहती हूँ.

मैं आपको अपनी Xxx अंकल पोर्न कहानी सुना रही हूँ.


एक दिन मैं और मेरी रूममेट एक क्लब में उसके फेयरवेल की पार्टी करने गए थे.

उसको अगले दिन निकलना था.


हम दोनों को वापस आने में काफी देर हो गई थी और रात को एक बजे का समय हो गया था.

पीजी का गेट बंद हो गया था तो हम दोनों दीवार फांद कर अन्दर आ गई थी लेकिन हमें अंकल ने देख लिया था.


हालांकि उन्होंने उस समय कुछ नहीं बोला.


अगले दिन शाम को मेरी रूममेट अपने घर चली गयी.


अब कमरे में मैं बिल्कुल अकेली थी.


रात को अंकल आए और उन्होंने मुझसे कहा- तुम लोग रात को बहुत लेट आई थी, मैं तुम्हारे पापा से तुम्हारी शिकायत करूंगा!


मेरे पापा बहुत सख्त थे अगर उनको पता लगता तो वे मुझे वापिस बुला लेते.

इसी वजह से मैं बहुत डर गयी.


मैं अंकल से बोली- सॉरी अंकल, आप प्लीज ऐसा मत करो आगे से ऐसा नहीं होगा!

मगर अंकल तो बस कॉल करने की जिद पर अड़ गए.


काफी देर बाद अंकल ने कहा- चलो इस बार माफ़ कर देता हूँ, लेकिन तुम्हें मेरे साथ भी पार्टी करने होगी!

उस समय मुझे लगा कि अंकल सामान्य पार्टी करने का बोल रहे हैं.


तो मैंने कहा- जी अंकल, बिल्कुल हम दोनों पार्टी करेंगे!

वे बोले- रात को 11 बजे मेरे ऊपर वाले फ्लोर पर आ जाना!


मैंने कहा- हां ठीक है, आ जाऊंगी!

जैसे ही 11 बजे मैं अपने सामान्य कपड़े पहन कर, जो मैं पीजी में पहनती थी मतलब शॉर्ट्स और टॉप पहन कर ऊपर चली गयी.


वहां गयी, तो अंकल सोफा पर बैठे थे और ड्रिंक कर रहे थे.

मैंने हैलो कहा, तो अंकल बोले- आओ सारिका बेटी बैठो यहां पर!


मैं अंकल के बगल में जाकर बैठ गयी.

अंकल ने मेरा पैग बनाया तो मैंने कहा- नहीं अंकल, मैं नहीं पीती!


अंकल बोले- झूठी, उस दिन तो तुम पूरे नशे में आई थीं, चुपचाप पियो इसको! बिना ड्रिंक के कैसी पार्टी?

मैं ड्रिंक तो करती थी पर मना कर रही थी.

मैंने गिलास उठा लिया और सिप लेने लगी.


अंकल ने सिगरेट सुलगाई और कश लेने लगे.

मेरी भी इच्छा हो रही थी कि मैं भी सिगरेट सुलगा लूँ मगर मेरी हिम्मत नहीं हुई.


अंकल बोले- सिगरेट सुलगा लो … तुम्हारे कमरे में मैं तुम्हें कई बार स्मोकिंग करते हुए देखा है!

मैं शर्मा गई और अंकल के दो तीन बार कहने पर मैंने सिगरेट सुलगा ली.


अंकल मुझसे बड़ी सहज होकर बात कर रहे थे तो मुझे उनका स्वभाव काफी अच्छा लगा और मैं उनके साथ ड्रिंक लेने में खुल गई.

ऐसा करते करते अंकल ने मुझे 4 पैग पिला दिए.


मेरी भी आदत थी तो पी गई और आज इसलिए भी बड़े पैग ले लिए थे कि कमरे में जाकर सोना तो है ही तो बिंदास ड्रिंक करती चली गई.

अब मुझे हल्का हल्का सुरूर होने लगा था, तब भी मैं होश में थी.


अंकल धीरे धीरे मेरे पास सरक कर आ गए और मेरे गले में हाथ डाल कर बातें करने लगे.

मैं भी धीरे धीरे पीती हुए उनके साथ नशे में बात कर रही थी.


हम दोनों को बातें करते करते काफ़ी टाइम हो गया और अंकल का हाथ कब मेरी जांघों में पहुंच गया, इसका पता नहीं चला.


धीरे से अंकल के एक हाथ ने मेरे एक दूध तक की यात्रा पूरी कर ली और वे मेरे एक दूध को सहलाने लगे.

नशे में मुझे ज्यादा कुछ पता नहीं लगा.


फिर अंकल ने एकदम से मुझे उठा कर अपनी गोद में बैठा लिया तो मैं अचानक से घबरा गई और बोली- ये क्या कर रहे हो अंकल!

अंकल बोले- जिस चीज़ के लिए तुम्हें यहां बुलाया था, वही तो कर रहा हूँ!


मैंने कहा- अरे अंकल, हम दोनों को तो सिर्फ पार्टी करनी थी ना!

वे बोले- यही तो पार्टी है! मुझे तेरी गोल गोल गांड मारनी है!


मैं अंकल की पकड़ से निकलने की कोशिश करने लगी तो अंकल ने अपना फोन निकाला और मेरे पापा को कॉल करने लगे.

मैंने कहा- अरे नहीं अंकल, प्लीज पापा को कॉल मत करो यार! मैं तो मजाक कर रही थी!


अब मैं समझ चुकी थी कि अंकल आज मेरी लेकर ही रहेगा. जब देनी ही है तो क्यों न इन्जॉय ही किया जाए.

वैसे भी मैं अपने सहेली के साथ कई बार अलग अलग लड़कों के साथ सेक्स का मजा ले चुकी थी.

बस यह था कि आज पहली बार कोई अंकल मुझे घोड़ी बनाएगा!


अंकल ने कहा- चुपचाप मेरा साथ देती रह, नहीं तो मैं सब बता दूंगा तेरे बाप को कि तू क्लब जाती है और देर रात में तेरा ब्वॉयफ्रेंड तुझे छोड़ने आता है.


मैंने अंकल की बात मान ली.


और अंकल ने मेरा क्रॉप टॉप निकाल दिया.

वे मेरी ब्रा के ऊपर से मेरे बूब्स को दबाने लगे और सहलाने लगे.


मैं नशे में तो थी ही, मुझे भी मज़ा आने लगा.

फिर अंकल ने मेरी ब्रा भी निकाल दी और मेरी चूचियों पर पागलों की तरह बाइट करने लगे.


वे मुझसे बोले- तू गुड़िया है मेरी … आज तुझे पूरा निचोड़ दूंगा! साली रंडी आज तू मेरे लंड से ऐसा चुदेगी कि मेरी चुदाई कभी भूलेगी नहीं!

मैंने भी उनके लंड को मसल कर कहा- चलो अंकल, आज देखती हूँ कि आपके लौड़े में कितनी ताकत है!


अब अंकल ने मुझे खड़ा किया और अपनी बेल्ट निकाल ली.


उन्होंने मुझसे घोड़ी बनने को बोला.

मैं घोड़ी बन गई.


अंकल ने मेरे शॉर्ट्स के ऊपर से ही मेरी गांड पर बेल्ट से मारना चालू कर दिया.


वे दबादब मेरी गांड पर बेल्ट मारने लगे.

मुझे इस तरह का सेक्स अच्छा लगता है और शायद यह बात अंकल को मालूम थी.


मैंने कहा- अंकल, आपको कैसे मालूम है कि मुझे यह पसंद है!


अंकल हंस कर बोले- साली रंडी, मुझे सब मालूम है कि तू यह सब इन्जॉय करती है. तेरी सहेली ने सब बताया था!

मेरे मुँह से गाली निकली अरे बहन की लौड़ी सब बता गई है आपको!


अंकल हंसने लगे और मेरे चूतड़ों को मसलते हुए बोले- हां, वह मेरे लौड़े से खेल चुकी है!


अब मैं बिंदास हो गई थी और अंकल के साथ सेक्स का मजा लेने लगी थी.


फिर उन्होंने मेरी शॉर्ट्स निकाल दी और पैंटी भी निकाल दी.


अब मैं बिल्कुल नंगी थी.


ऐसे ही बेल्ट मारते, कभी कभी मेरे बूब्स दबाते पीछे आ गए.

अब उन्होंने अपना लंड निकाला और मेरी चूत पर फेरने के बाद सीधा मेरी चूत में पेल दिया.


अंकल का लंड वाकयी काफी बड़ा और मोटा था, मैं बहुत तेज़ चिल्लाई.

जब अंकल का लंड मेरी चूत के अन्दर गया, तब पता चला कि उनका लंड तो मेरे ब्वॉयफ्रेंड से काफी बड़ा था.


मुझे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन मेरी चीखें सुनकर अंकल को मज़ा आ रहा था.

वे मुझे चोदते हुए बोले- ले रंडी, आज तो तुझे भरपूर दर्द दूंगा. चिल्ला साली कुतिया!


उनको मुझ पर बिल्कुल भी तरस नहीं आया … वे बस पागलों की तरह तेज़ तेज़ मेरी चूत चोदने लगे.


कुछ मिनट बाद मुझे भी मज़ा आने लगा और 20 मिनट तक अंकल ने मुझे ताबड़तोड़ चोदा.

मैं Xxx अंकल पोर्न की कायल हो गई थी, अब तक दो बार झड़ भी चुकी थी.


अंकल ने झड़ने के समय अपना लंड बाहर निकाला और अपना पानी मेरी गांड पर फेंक दिया.

वे मुझसे बोले- कल मैं तुझको बहुत मस्ती कराऊंगा बस तू ऐसे ही मुझसे चुदती रह. तेरे सारे शौक भी पूरे कराऊंगा!


उस दिन के बाद अंकल का जब मन करता, वे यह नहीं देखते कि सुबह का वक्त है या शाम का … बस मुझे चोदने मेरे रूम में आ जाते.

कभी वे मुझे अपने कमरे में बुला कर चोद देते थे.


अब चूंकि मेरी सहेली को वापस आना नहीं था, तो मैंने उससे फोन पर बात की.

वह हंसने लगी और बोली- अंकल का लंड मस्त है, साली मजा ले!


फिर एक दिन अंकल की बहू और बेटा आए हुए थे. अंकल की बहू उस वक्त प्रेग्नेंट थी.


तो अंकल अपने रूम पर मुझे चोद नहीं सकते थे.

इसलिए वे कभी भी मेरे कमरे में आ जाते थे.


मुझे कुछ दिन बाद पता लगा कि अंकल पीजी की और भी लड़कियों को ऐसे ही चोदते हैं.


एक दिन अंकल मेरे रूम में एक लड़की को साथ लाए और उन्होंने कहा- आज तुम दोनों को एक साथ में चोदना है.

मैं कुछ नहीं बोली.


अंकल चाहते थे कि हम तीनों ड्रिंक पार्टी करें.

उन्होंने अपने बैग से शराब की बोतल निकाली और हम तीनों ने पैग लगाने शुरू किए.


इस बार मैंने बहुत ज्यादा पी ली थी और नशे में चूर थी.

आज अंकल जैसा कह रहे थे, मैं वैसा ही कर रही थी.


पहले अंकल ने मुझसे कहा- जा किचन तक कुतिया बन कर जा और उधर से सेब और चाकू लेकर आ!

मैं घोड़ी बन कर गयी और मुँह में एप्पल और चाकू दबा कर ले आई.


वह लड़की नई लग रही थी तो थोड़ी घबराई हुई थी लेकिन उसको अंकल दारू पिलाए जा रहे थे.


अंकल ने उसको उसकी नंगी वीडियो दिखा कर सैट किया हुआ था.


मैं तो अंकल से अपनी मर्ज़ी से और मज़े से चुदती थी क्योंकि अंकल मुझे महंगे गिफ्ट्स देते थे, पीजी तो फ्री थी ही … दारू और सिगरेट भी फ्री थी.


अंकल ने मेरे मुँह से सेब और चाकू लिया और मुझे थप्पड़ मार कर कहा- चल टेबल पर लेट जा.


मैं लेट गई, तो उन्होंने मेरे मम्मों पर खूब सारी शराब डाल दी और दूसरी लड़की से कहा- चाट इसके बूब्स से सारी शराब!

वह कुछ हिचक रही थी और मना कर रही थी.


तो अंकल उसको कहा- साली चाटती है या ये वीडियो दिखाऊं सबको!


वह पहले तो चाटने लगी, लेकिन धीरे धीरे नशे में वह पागलों की तरह मेरे बूब्स को खींच खींच कर चूसने लगी, मेरे निपल्स को काटने लगी.

मुझे बेहद मजा आ रहा था.


फिर अंकल ने मेरे पेट पर सेब रखा और मेरे पेट पर ही चाकू से उसे काट कर अपने मुँह से उठा कर खा लिया.


अब तक मैं बहुत मदहोश हो चुकी थी और वह लड़की तो मेरे बूब्स को जैसे खाने को हो रही थी.


इधर अंकल मेरे पेट को, तो कभी जांघों को चाट रहे थे और वह लड़की मेरे बूब्स … मैं तो बिल्कुल पागल हो गयी थी.


फिर अंकल ने उस लड़की के बाल पकड़ कर उसे उठाया और मेरी चूत के पास ले गए.

अंकल ने उससे कहा- जब तक इसकी चूत से पानी नहीं निकलता, इसको चाटती रह साली.


वह मेरी चूत चाटने लगी और इधर अंकल मेरे मम्मों पर आ गए.

वे मम्मों को चूसने लगे.


कुछ देर के बाद अंकल ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया और मेरे मुँह को चोदने लगे.


इधर वह लड़की अभी भी मेरी चूत को चाट रही थी और अंकल मेरे मुँह को चोद रहे थे.


फिर अंकल ने अपना लंड मेरे मुँह से निकाला और सीधा उस लड़की की चूत में पेल दिया.


वह चिल्लाने लगी तो अंकल बोले- साली अगर सारिका की चूत से तेरा मुँह हटा, तो देख लेना तेरे साथ क्या होगा!


उसको अंकल के मोटे लंड से चुदने में दर्द हो रहा था लेकिन वह मेरी चूत चाटने की वजह से चिल्ला नहीं पा रही थी.


काफी देर तक उसकी चूत चोदने के बाद अंकल झड़ गए और वहीं पर सो गए.

मैं भी झड़ गई थी तो नशे के कारण मैं भी सो गई.


इस तरह से हम तीनों वहीं पर एक दूसरे के ऊपर नंगे सो गए थे.


सुबह अंकल उठे और मुझे उठा कर बोले- सारिका तूने आज मुझे खुश कर दिया, आज रात को तेरे लिए एक सरप्राइज है, मैं तुझे तेरे दिल की तमन्ना पूरी करने के लिए बाहर ले जाऊंगा, तू आज अच्छे से सज कर रेडी रहना!


मैं पूरा दिन सोचती रही थी कि क्या होगा, क्या सरप्राइज मिलेगा!


सोचते सोचते मैं खाना बना रही थी.

तो तभी एकदम से अंकल का बेटा मेरे रूम में आ गया.

अन्दर आते ही उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया.


मुझे लगा कि अंकल हैं तो मैं बोली- अंकल, आपका भी मन नहीं लगता मेरे बिना, अभी तो पूरी रात चोदा और फिर से वापिस आ गए!

वह मेरी गर्दन पर किस करने लगा तो मैंने पीछे मुँह किया और देखा तो ये तो उनका बेटा था.


मैंने उसको धक्का दे दिया और कहा- यह क्या बदतमीज़ी है?

वह बोला- वाह, मेरे बाप के साथ मज़े … और मेरे साथ बदतमीज़ी?

मैंने कहा- ये क्या बोल रहे हो?


उसने मुझको एक रात की वीडियो दिखाई जिसमें मैं अंकल की गोद में बैठी उन्हें किस कर रही थी.

उसने चुपके से वह वीडियो बना ली थी.


मैंने सोचा कि साला बाप का लंड कितना मस्त है तो इसके बेटे के लंड में बहुत ताकत होगी! देख लेती हूँ कि कैसा लंड है. पसंद आया तो चुद लूँगी, वरना इनकी गांड पर लात मारना मुझे आता है!


मैं चुप रही.

पहले तो उसके अपनी पैंट खोली और मेरे बाल पकड़ कर मुझे अपना लंड चूसने को बोला.


उसका लंड अंकल से छोटा था लेकिन मोटा ज्यादा था.

तो मैं चूसने लगी.


काफ़ी देर तक लंड चूसने के बाद उसने मेरे बूब्स पर थप्पड़ मारा और किचन से ही चाकू उठा कर मेरे फेस से बूब्स तक फेरने लगा.

मुझे डर लग रहा था कि कहीं चाकू लग न जाए.


उसने चाकू से ही काफी तेजी से मेरी निप्पल दबाए.

तो मैंने उसे गाली दे दी- मादरचोद, चुदाई करने आया है तो चोद ले … यह सर्कस कहीं बाहर करियो!

वह बोला- चुप साली रंडी है तू मेरे बाप की … आज तेरे को तो नोच डालूँगा बहन की लौड़ी! मेरे बीवी जबसे प्रेग्नेंट हुई है, तब से प्यासा हूँ. मैं आज तेरे को निचोड़ कर अपनी प्यास बुझाऊंगा.


उसके बाद तो वह जंगलियों की तरह मेरे मम्मों पर टूट पड़ा.

काफी देर तक मेरे बूब्स का बुरा हाल करने के बाद उसने मुझको अपनी गोद में उठा कर बेड पर फेंका और मेरी दोनों टांगें उठा कर अपना लंड सीधा मेरी चूत में पेल दिया और धकापेल चोदने लगा.


उसकी चुदाई में अंकल जैसा मज़ा नहीं था इसलिए मुझे मजा कम आ रहा था.

अब चूत में आग लग चुकी थी तो पूरी चुदाई करना मेरी मजबूरी थी.


वह चोदते चोदते मुझे गाली भी दे रहा था.

कभी रंडी कहता तो कभी कुतिया कहता तो कभी मेरे बाप की रंडी कहता.


वह सच ही कह रहा था कि मैं उसके बाप की रंडी ही बन कर रह गयी थी.

चुदाई के बाद उसने मेरे मम्मों पर अपना वीर्य निकाला और हांफने लगा.


मैंने उससे अलग होकर एक सिगरेट सुलगाई और उसको गाली देते हुए कहा- सुन बे भड़वे … आज तो मैंने तेरे लौड़े को चैक किया था कि कैसा चोदता है. मुझे तू पसंद नहीं आया, तेरा बाप मस्त चोदता है. आज के बाद यदि तूने मुझे नंगी वीडियो की धमकी भी दी न, तो मैं तुझे और तेरे बाप को सड़क पर नंगा करूंगी और थाने में अलग बंद करवा दूँगी. इसलिए आज के बाद मुझे अपनी मम्मी मानना भोसड़ी के … अब भाग इधर से!


वह मेरी तरफ देख कर सटपटा गया और गांड सिकोड़ कर बाहर चला गया.


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