गरम लड़की की गरम चूत का मजा लिया मैंने मेरे साथ ट्यूशन पढ़ने वाली सेक्सी सांवली लड़की को चोद कर. उसने खुद से पहल की और बाइक पर बैठकर मेरे लंड पर हाथ रख दिया.


भाइयो और भाभियो, मेरा नाम सिद्धांत है.

मैं नया नया जवान हुआ हूँ.


यह गरम लड़की की गरम चूत का मजा लेने की कहानी अभी कुछ दिन पहले की ही है.


मैं ट्यूशन गया था.

उस दिन उधर एक नई लड़की आई.

वह मुझे दिखने में इतनी ज्यादा अच्छी दिख रही थी कि क्या ही बोलूँ.


लड़की थोड़ी दबे से रंग की जरूर थी लेकिन उसका बदन का ग्लैमर इतना मस्त था कि कोई भी देख कर सोचेगा कि अभी पटक कर चोद दूँ.


उस दिन उसने काले रंग का सूट पहना था, बड़ी ही मस्त माल लग रही थी.


मैं शुरू से बहुत बड़ा ठरकी था, किसी भी लड़की या भाभी को देख कर चोदने का मन करने लगता था.


उसको देख कर ही मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया.

मेरा मन कर रहा था कि इसको चोद दूँ.

मैंने खुद पर कंट्रोल किया और बैठ गया.


फिर ट्यूशन वाले सर आए और उसका परिचय करवाया.

उसका नाम सोनी था.


अब सर ने पढ़ाई शुरू की.

मैं सर के घर में उनके बेड पर बैठा था.

वह मेरे सामने कुर्सी लगा कर बैठी थी.


जब वह झुक कर लिख रही थी, तो उसके बड़े बड़े संतरों का दीदार हो रहा था.

उसके दूध देख कर मुझसे रहा न गया और मेरे लंड ने हल्का सा पानी छोड़ दिया.

मैंने सर से कहा- मैं वॉशरूम से आता हूँ.


वह लड़की मुझे देखने लगी.

मैंने बाथरूम के अन्दर जाते ही अपना लंड निकाला और हिलाने लगा.


जब लंड की छूट हो गई, तब मैं शांत हुआ और पढ़ाई खत्म होने के बाद घर आ गया.


घर आकर भी मुझे बहुत बेचैनी सी हो रही थी, मन कह रहा था कि अब मुझे उसको चोदना ही है.


मैंने उस दिन घर आते ही सेक्स वीडियो देखना शुरू किया.

मुझे हर वीडियो में बस उसका ही चेहरा दिख रहा था.


मैंने उस दिन हर घंटे में बार बार लंड हिलाया.


मैंने आज तक किसी लड़की में इतना ग्लो नहीं देखा था.

मेरी यह ट्यूशन हफ्ते में 3 दिन ही रहती थी.


मैं बहुत परेशान हो गया क्योंकि उस दिन ट्यूशन का आखिरी दिन था.

उसके बाद दो दिन की छुट्टी थी.


खैर … कुछ कर ही नहीं सकता था.


सोमवार को मैं ट्यूशन पर बहुत जल्दी चला गया.

लेकिन सोनी दीदी थोड़ी देरी से आई.


आज वह फिर से एक दूसरी ब्लैक ड्रेस में थी.

मैं उसे देख कर एकदम से पागल हो गया.


सोनी के आते ही सर ने कहा- तुम दोनों पढ़ाई करो, मुझको कुछ काम है, मैं अभी आता हूँ.


मेरी किस्मत बहुत ज्यादा अच्छी थी क्योंकि सर के जाते ही बारिश होने लगी.


अब हम दोनों कमरे में बिल्कुल अकेले थे.

मेरा मन कर रहा था कि मौका अच्छा है … इसकी बुर फाड़ देता हूँ.

पर वह थोड़ी शर्मीली थी.


मैं कुछ देर के बाद उससे थोड़ा बात करने लगा और मैंने उससे उसका नंबर मांगा.

उसने एकदम से सीधा मना कर दिया और बोली- नहीं, मैं किसी को नंबर नहीं देती.


मुझको थोड़ा गुस्सा आया.


फिर मैंने कहा- क्या आप इंस्टाग्राम पर हैं?

वह बोली- हां हूँ.


मैंने कहा- उसकी आईडी ही दे दीजिए. आपसे कभी बात करना हुई तो मैसेज भेज दूंगा.

वह बोली- हां ठीक है.


उसने अपनी इंस्टाग्राम की आईडी दे दी.

मैंने तुरंत मोबाईल में इंस्टाग्राम खोला और उसकी आईडी सर्च की.


जैसे ही उसकी प्रोफाइल को देखा, आह क्या बोलूँ … उसकी एक से एक फ़ोटो उधर लगी थी.

मैंने उसकी तारीफ की तो वह खुश हो गई.


उस दिन उससे अलग होकर एक अजब सी खुशी थी कि जाने क्या मिल गया हो.


मैंने घर आते ही उसको एक मैसेज भेजा.

कुछ देर बाद उसका जवाब आया कि रात को बात करूंगी.


मैं और ज्यादा खुश हो गया कि बंदी रात को बात करने की कह रही है.

उस दिन रात को उससे बात शुरू हुई तो एक बजे तक बात चलती रही.


फिर वह गुड नाइट बोल कर सोने चली गई.

अब हम दोनों लगभग रोज ऑनलाइन होते तो बात करते.


ट्यूशन में भी अकेले होते तो बात करते, वह सर के सामने बिल्कुल बात नहीं करती थी.


एक दिन यह हुआ कि ट्यूशन में ही उसकी चूत टपकने लगी, उसको माहवारी शुरू हो गई.

वह बहुत परेशान लग रही थी.


मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?

वह कुछ नहीं बोली.


बस धीमे से बोली- मेरी तबीयत ठीक नहीं है. तुम मुझे मेरे घर तक छोड़ सकते हो?

मैं बाइक लेकर आता था तो झट से रेडी हो गया.


सर ने भी उसकी तबियत के चलते उसे छुट्टी दे दी.

वह पहली बार मेरे साथ बाइक पर बैठी थी.


जब से मैं जवान हुआ तभी से यह चाहता था कि कोई सुंदर सी लड़की मेरे साथ बाइक पर बैठे.

मैं बहुत तेज रफ्तार पर बाइक को दौड़ा कर चलाता था.


जब वह मेरे साथ बाइक पर बैठी तो मेरे साथ चिपक गई.

चूंकि ठंड का मौसम था तो मैं भी उसकी चूचियों का मजा लेने लगा.


मैंने अपना बैग आगे रख लिया था.

मैं तेज बाइक चला रहा था.

मुझे नहीं पता था कि सोनी को भी तेज रफ्तार पसंद थी.


मैं फुल स्पीड में था कि तभी सामने एक गड्डा आया और मुझे ब्रेक लगाने पड़े.

वह झटका खाकर एकदम से मेरे ऊपर गिर पड़ी, उसके बूब्स मेरी पीठ पर लड़ गए.


कुछ समय तक तो मैं वैसे ही उसकी चूचियों से लगा रहा.

उसके बाद वह अलग हुई.

लेकिन मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था.


कुछ देर यूं ही चलने के बाद सामने एक ब्रेकर आ गया था.

मैंने फिर से एकदम से ब्रेक लगाए.


उसका हाथ एकदम से मेरे लंड पर आ गया.

जहां तक मुझे पता था कि माहवारी के दौरान लड़कियों का चुदने का बहुत मन करता है.


शायद यही वजह थी कि उसका शरीर एकदम से गर्म होने लगा.

वह बोली- सिद्धांत, तुम मुझे यहीं उतार दो … आगे मैं ऑटो से चली जाऊंगी.


मैंने भी कुछ नहीं कहा.

उसे वहीं उतार कर मैं आगे बढ़ गया.


अब मैं सोचने लगा.

उसका एकदम से मेरे लंड पर हाथ आना मुझे थोड़ा अजीब सा लगने लगा.


हालांकि मुझे मज़ा भी बहुत आया था.


वह दो दिन ट्यूशन नहीं आई और ना ही हमारी ऑनलाइन कोई बात हुई.


फिर जब उसकी माहवारी खत्म हो गई तब वह ट्यूशन आई.


वह बोली- सिद्धांत तुम मुझे रोज घर तक छोड़ सकते हो क्या?

यह सुन कर मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा.


मैंने खुद को कंट्रोल करके कहा- अरे क्यों नहीं … ज़रूर दीदी.

वह मेरे मुँह से दीदी सुन कर थोड़ा गुस्सा सी हो गई और उसने मेरे पैर में एक घूंसा मारते हुए कहा- मुझे सोनी बोल.

मैंने कहा- ठीक है सोनी.


अब ट्यूशन से वापस घर की तरफ चले, तो दस किलोमीटर दूर चलना था.

उस रास्ते में एक सुनसान इलाका आता था.


उधर उसने एकदम से मेरी कमर में हाथ डाल दिया और मेरे लंड को सहलाने लगी.


मैंने कहा- अरे यह क्या कर रही हो?

वह बोली- सिद्धांत, मैं जानती हूँ कि तुम भी मुझे चोदना चाहते हो. मैं तो जिस दिन आई थी, उस दिन ही तुम्हारे खड़े लंड को देख कर तुमसे चुदवाना चाहती थी.


उसके मुँह से इतनी साफ बात सुन कर मैं खुश हो गया.

मैंने उधर ही तय किया और बाइक को अपने एक दोस्त के कमरे की तरफ मोड़ दी.


मैं सोनी को उधर ले गया और दोस्त से कह कर उससे बाहर जाने के लिए कह दिया.

वह सोनी को देखता हुआ चला गया.


मुझे बिना कंडोम के चोदना पसंद था तो किसी बात की चिंता नहीं थी.

वह रूम खाली होते ही मुझे किस करने लगी.


मैंने कहा- एक मिनट तो रुक जा मेरी जान … जरा दरवाजा तो लगा लेने दे.

मैं जल्दी से उठ कर गया और दरवाजा बंद कर आया.


मैंने आते ही अपने लंड को सहलाया और कहा- आज मैं तुमको नहीं छोड़ूँगा.

उसने कहा- हां मुझे भी नहीं बचना है. जल्दी बता कि कैसे चोदेगा?


मैंने कहा- तुम पहले पूरी नंगी हो जाओ.

उसने कहा- बस इतनी सी बात. चल तू भी अपने कपड़े खोल.


वह पूरी नंगी हो गई.

मैं भी पूरा नंगा हो गया.


हम दोनों ने एक दूसरे को चूमना चालू कर दिया और काफी देर तक चूमाचाटी करने के बाद मैंने उससे कहा- मेरे लंड को चूस रंडी!

वह बोली- नहीं यार, मैं मुँह में नहीं लूँगी.


मैंने ज़बरन उसके मुँह में लंड दे दिया.

उसको पहले तो लंड का स्वाद अच्छा नहीं लगा.

उसने जीभ से सुपारा चाट कर एक बात थूक दिया.


फिर उसने खुद से मेरे लंड को मुँह में भर लिया और पूरा अन्दर तक लेकर चूसने लगी.

मैं उसके बूब्स दबा रहा था.


भाई सच बता रहा हूँ कि इतना सॉफ्ट मामला था कि मजा ही आ गया.


मेरा मन उसकी बुर चाटने का हुआ, मैंने कहा- चल 69 में आ जा. मैं लेट रहा हूँ, तू अपनी चुत मेरे मुँह पर टिका कर ऊपर चढ़ जा.


जैसे ही मैंने उसकी बुर को चाटना शुरू किया, वह कामुक सिसकारियां लेने लगीं ‘आह उहह …’


जब मेरे लंड से न रहा गया तो मैंने एकदम से उसके मुँह में ही पिचकारी मार दी.


वह मुँह हटाने लगी तो मैंने उससे कहा- पी जा रण्डी … प्रोटीन है … तेरे चेहरे का ग्लो बढ़ जाएगा.

उसने वीर्य पी लिया.


फिर मैंने उससे लंड को फिर से चूस कर खड़ा करवाया.


मैंने कहा- साली, तेरा भोसड़ा तो फटा हुआ लगता है.


वह बोली- हां भोंसड़ी के मादरचोद … मैं चुदाई करवाती हूँ.

उसके अन्दर की रंडी जाग गई थी.


मेरे लंड को कुछ मिनट चूसने के बाद वह बोली- ले साले तेरा खड़ा हो गया.

मैंने उससे कहा- हां तो चल अब कुतिया बन जा.


वह बन गई.

मैंने उसकी बुर से थोड़ा दूर को लंड रखा ओर एकदम से एक ज़ोरदार शॉट दे मारा.


अभी मेरा आधा लंड भी अन्दर नहीं गया था कि वह दर्द से बहुत तेज रोने लगी.

वह बोली- आह साले मादरचोद ने मार दिया.


मैंने कहा- अरे रंडी साली, चुप हो जा बहन की लौड़ी … क्या सारा मुहल्ला बुलाएगी.

वह चुप हो गई.


कुछ मिनट बाद उसका दर्द कम हुआ, तो वह मस्ती से चुत चुदवाने लगी.

फिर मैंने लंड चुत से बाहर खींचा और उसके मुँह में लंड घुसेड़ दिया.


वह बोली- अभी और चोद कमीने.

मैंने उसको कुतिया बना दिया और बुर में लंड सैट करके एक ज़ोरदार शॉट दे मारा.


पर गजब हो गया. इस बार मेरा लंड न जाने कैसे उसकी गांड में घुस गया.

मैंने शॉट इतनी ज़ोर का मारा था कि उसकी गांड फट गई और एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड उसकी गांड में घुसता चला गया.


वह बहुत ज्यादा रोने लगी.

पर मैंने उसकी गांड में से लंड नहीं निकाला.


मैं उसकी गांड फाड़ने में बिज़ी बना रहा.

वह चिल्ला रही थी और मैं उसकी सुन ही नहीं रहा था.

दस मिनट बाद उसको भी गांड मरवाने में मज़ा आने लगा.


मैं 10 मिनट तक गांड मारता रहा.

उसके बाद मैं उसकी गुलाबी बुर चोदने लगा.


लंड चुत में पेलते ही उसका पूरा रस निकल गया.


उस वजह से मेरा लंड पूरा चिकना हो गया था.

धकपेल चुदाई के बाद मैंने अपने लंड का माल उसके पेट पर निकाल दिया.


उस दिन मैंने उस गरम लड़की की गरम चूत को 2 घंटे में 3 बार चोदा.

उसके बाद हम दोनों के घर से कॉल आने लगा.


मैंने उससे कहा- चूत का खून आदि साफ कर लो.

उसने सब साफ करना शुरू किया.

मगर वह ठीक से हिल ही नहीं पा रही थी तो उससे चूत साफ करते नहीं बन रहा था.


मैंने ही उसका सब कुछ साफ किया और उसको कपड़े पहनाए.

फिर उसको उसके घर तक छोड़ दिया.


इस बीच मैं उसकी मम्मी से भी मिला.

यार उनका परिवार बहुत ज्यादा रिच था.


अब मेरा उसके घर आना जाना शुरू हो गया.

मैं जब भी उसके घर जाता और उसके घर में सुनसान होता तो मैं उसको उसके कमरे में ले जाकर चोद देता.


दोस्तो, मेरी गरम लड़की की गरम चूत की कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज बताएं.